कुछ उलझाने वाले सपने बुने....
फिर उलझता ही चला गया...
इस आभासी दुनिया में आने के पुरे एक साल बाद आज फिर इच्छा जागी के अपने विचारों की अभिव्यक्ति का प्रयास करूँ.....!@!!!
मन के भीतर तो ये घुट जाएँगे.....सम्भवतः यहाँ स्थाई रहें....!!!
फिर उलझता ही चला गया...
इस आभासी दुनिया में आने के पुरे एक साल बाद आज फिर इच्छा जागी के अपने विचारों की अभिव्यक्ति का प्रयास करूँ.....!@!!!
मन के भीतर तो ये घुट जाएँगे.....सम्भवतः यहाँ स्थाई रहें....!!!
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